Sunday, July 7, 2019

करमा गीत by पुरुषोत्म चक्रधारी सूर्य

हो हो हो.............!
          हो हो हो........!
आज ना महुवा तरी
करमा नाचे ल महुवा तरी।
ए गिया.....................!

बडा़ सुघ्घर लागत हावे
महुवा के छांव।
कहां हावे गोयी
तोर मया के तोर गांव।
ए गिया............ .......!

बडा़ सुघ्घर लागत हावे
तोर पागा के कलगी।
रुप खुले तोर
झुलपहा चुंदी।
ए संगी.................!

मांग फागुन माते
आमा ह मऊरे परसा ह माते।
दाहकत होरी मा
मन डोले।
ए गिया................!

पानी ल डाहके
मंजुर खारे खार।
कोईली ह कुहके
आमा के डार।
ए संगी.............  !

पुरुषोत्म चक्रधारी सूर्य
पांडुका गरियाबंद

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...