Sunday, July 7, 2019

मेरा अंतस मुझसे पूछ रहा by केवरा यदु "मीरा "

क्या बेंटियों की  पीड़ा
से बेखबर हो  सो लेती है
क्या  जुल्मों सितम को
सह कर बस रो लेती है

मेरा अंतस मुझसे पूछ रहा है ।

क्या अन्नदाता को मरते देख
कह देती है क्या किस्मत की रेख
कर्म करता तो है सपने बोकर
कर्ज में डूब कर मरता है रो रो कर

मेरा अंतस मुझसे पूछ रहा है ।

क्यों बेटियाँ जलायी जाती है
दहेज के नाम पर ।
क्यों तेजाबी अटैक होते
मोहब्बत  के नाम पर ।

मेरा अंतस मुझसे पूछ रहा है ।

राम कृष्ण कोई अब फिर से आयेगा
भारत को मेरे सोने की चिड़िया बनायेगा।
मेरे सवाल का जवाब कोई बतायेगा ।

मेरा अंतस मुझसे पूछ रहा है ।।

केवरा यदु "मीरा "
राजिम

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