Sunday, July 7, 2019

कुछ पल बन जाते यादगार हैं by अनिता सुभाष देशमुख

जीवन के होते हैं,कुछ पल अच्छे कुछ पल बहुत बुरे,
खुली आँखे से देखो जो सपने,
वो ही हकीकत में होते हैं पूरे।

प्यार के इजहार में आँखे ही,
दिल के अफसाने कह जाती है,
दुःख के घड़ी में कुछ बाते ,
आँसू बनके बह जाती है।

प्यार वो एहसास है दिल की,
जो नही होती बार बार है,
इन्ही खूबसूरत लम्हों के पल,
बन जाते यादगार है।

जिस तरह बाग में खिले होते खूबसूरत फूल है,
वैसे ही जीवन जीने के होते
कुछ उसूल है।

जिन्दगी में सुख और दुख ,
ये होते दो पहलू हैं
मेरी बस यही फलसफा है,
हर गम हँसते हुए सह लूँ मैं।

जिंदगी एक जुआँ है,
जिसके पत्ते है बावन,
हार गए तो पतझड़,
जीत गए तो सावन

जिस तरह फूल के साथ कांटे होती है,
प्यार में भी अक्सर कुछ खट्टी तो
कुछ मीठी बातें होती है।
इन बातों में खुशियाँ भी,
होती बेशुमार है,
ये ही तो हसीन लम्हों के वो पल है,
जो बन जाती यादगार है।

  ...✍️अनिता सुभाष देशमुख©®

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