Sunday, June 9, 2019

देश के हालात पर व्यंग्य by विरेन्द्र सिंह ठाकुर

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🌹🌹🎈🌹🌹🎈🌹🌹
ऐ गांधी के देश मा ,
           का काम होवत हे -2
ऐ भारत के भुइंया म
            का काम  होवत हे-2
*कभू शीला कभू मुन्नीबाई*
             *बदनाम होवत हे...*
ऐ गांधी के देश म..............
💓💓🎈 *(1)* 🎈💓💓
जनता के सेवक मन,
              जनता ल लूटत हे
देश के खजाना ल ,
            टोनही कस चूसत हे
*सोन के चिरइया आज*
            *कइसे रोवत हे-2*
ऐ गांधी के देश म............
🌸🌸🎈 *(2)* 🎈🌸🌸
नारी मन के जीना इँहा,
                होगे हे दुसवारी
भेष  बदल  बइठे  हे,
              कतको अनाचारी
*नारी मन हा काबर,*
       *झंडू बाम होवत हे-2*
ऐ गांधी के देश म............
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
(यहाँ महिलाओं के लिए यह शब्द प्रयोग मैंने उस गाना को लेकर किया है जिसमें *मैं झंडू* *बाम हुई....तेरे लिए* का प्रयोग हुआ है)
🌷🌷🎈 *(3)* 🎈🌷🌷
देश के किसान मन हा
            फांसी म झुलत हे
सत्ता पाये मनखे मन
          मद म गा झूमत हे
*"अन्नदाता" खुदे भूखे*
           *पेट  सोवत  हे* -2
ऐ गांधी के देश म...........

🍀🍀🎈 *(4)* 🎈🍀🍀
नेता मन के बात छोड़
             हमन कतेक बढ़िया
गैती छोड़ रापा म
             छोलत हावन तरिया
योजना के लाभ मिलथे
                पइसा के जरिया
कइसे कहिबो *36 गढ़िया
                सबले हे बढ़िया*
*देश के कानून घलो,*
                  *नीलाम होवत हे*
ऐ गांधी के देश...............
ऐ भारत के भुइयां.........
🙏🙏🎈🌹🎈🙏🙏
            📝रचनाकार📝
         *विरेन्द्र सिंह ठाकुर*
कवि,उद्घोषक एवं व्याख्याकार
  ग्राम-कपसीडीह(राजिम)
   मो.नं.-8718916468

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