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ऐ गांधी के देश मा ,
का काम होवत हे -2
ऐ भारत के भुइंया म
का काम होवत हे-2
*कभू शीला कभू मुन्नीबाई*
*बदनाम होवत हे...*
ऐ गांधी के देश म..............
💓💓🎈 *(1)* 🎈💓💓
जनता के सेवक मन,
जनता ल लूटत हे
देश के खजाना ल ,
टोनही कस चूसत हे
*सोन के चिरइया आज*
*कइसे रोवत हे-2*
ऐ गांधी के देश म............
🌸🌸🎈 *(2)* 🎈🌸🌸
नारी मन के जीना इँहा,
होगे हे दुसवारी
भेष बदल बइठे हे,
कतको अनाचारी
*नारी मन हा काबर,*
*झंडू बाम होवत हे-2*
ऐ गांधी के देश म............
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
(यहाँ महिलाओं के लिए यह शब्द प्रयोग मैंने उस गाना को लेकर किया है जिसमें *मैं झंडू* *बाम हुई....तेरे लिए* का प्रयोग हुआ है)
🌷🌷🎈 *(3)* 🎈🌷🌷
देश के किसान मन हा
फांसी म झुलत हे
सत्ता पाये मनखे मन
मद म गा झूमत हे
*"अन्नदाता" खुदे भूखे*
*पेट सोवत हे* -2
ऐ गांधी के देश म...........
🍀🍀🎈 *(4)* 🎈🍀🍀
नेता मन के बात छोड़
हमन कतेक बढ़िया
गैती छोड़ रापा म
छोलत हावन तरिया
योजना के लाभ मिलथे
पइसा के जरिया
कइसे कहिबो *36 गढ़िया
सबले हे बढ़िया*
*देश के कानून घलो,*
*नीलाम होवत हे*
ऐ गांधी के देश...............
ऐ भारत के भुइयां.........
🙏🙏🎈🌹🎈🙏🙏
📝रचनाकार📝
*विरेन्द्र सिंह ठाकुर*
कवि,उद्घोषक एवं व्याख्याकार
ग्राम-कपसीडीह(राजिम)
मो.नं.-8718916468
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