साथी
साथी मेरे हाथ में, रहे सदा ही हाथ ।
बिँदिया तेरे नाम की, रहे चमकता माथ ।।
सुख औ दुख में हर घड़ी, रहूँ सदा मैं पास ।
तुम हो मेरी जिन्दगी, तुमही हो विश्वास।।
फेरे सातों सप्त वचन ,सौ जन्मों का साथ ।
मागूँ कान्हा से यही, मत छूटे अब हाथ ।।
घर मेरा सुन्दर रहे, और सुखी परिवार ।
हँसते गाते हम जियें, बाटें प्यार दुलार।।
दीप जलाऊँ प्रीत की, तेल नेह की डाल।
रहे महकती जिन्दगी, सभी रहे खुशहाल ।
मैं मीरा तुम श्याम जी, घर हो चारों धाम।
गीत गज़ल गाती रहूँ, गुजरे उम्र तमाम ।।
केवरा यदु "मीरा "
राजिम
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