Thursday, June 20, 2019

मीरा के दोहे by केवरा यदु "मीरा "

           साथी
साथी मेरे हाथ में, रहे सदा  ही हाथ ।
बिँदिया तेरे नाम की, रहे चमकता  माथ ।।

सुख औ दुख में हर घड़ी,  रहूँ सदा मैं पास ।
तुम हो मेरी जिन्दगी,  तुमही हो विश्वास।।

फेरे सातों सप्त वचन ,सौ जन्मों का साथ ।
मागूँ कान्हा से यही, मत छूटे अब हाथ ।।

घर मेरा सुन्दर रहे,  और सुखी परिवार ।
हँसते गाते हम जियें, बाटें  प्यार दुलार।।

दीप जलाऊँ प्रीत की, तेल नेह की डाल।
रहे महकती जिन्दगी, सभी रहे खुशहाल ।

मैं मीरा तुम श्याम जी, घर हो चारों धाम।
गीत  गज़ल गाती रहूँ,  गुजरे उम्र तमाम ।।

केवरा यदु "मीरा "
राजिम

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