Thursday, June 20, 2019

पांच लघु कहानियां by युगल किशोर पटेल

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         ****  दोहा-छंद ****

उड़त नीर खोजत सतत्,घट लख जल कम काग।।
गुनि,कंकड़ घट चोंच भर,बुझा प्यास वन भाग।।

दौड़ लगी दिख न कछुआ,थकित शशक सो जाय।
उठे धाय कछुआ वहाँ,निरख हार बिलखाय।।

न्यौता दे कपि पीठ धर,हिय मांगत नदधार।
मगर फिरे सुन जाम तरु,भाग मगर कपि मार।

अपर सिंह भख त्रय शशक,छुप गुह शशक बताय।
कूप कूद क्रुध बिम्ब लख,सिंह स्वप्राण गँवाय।।

मुँह घुस पेट जल गह लख,पृष्ठ अहह गजराज।
खा करेज मित प्राण हर,था सियार दगबाज।।

17/06/2019
युगल किशोर पटेल
सहायक प्राध्यापक(हिंदी)
शासकीय वीर सुरेन्द्र साय महाविद्यालय,गरियाबंद
(छत्तीसगढ़)

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