🎈🎈🎈🙏🎈🎈🎈
बनाले घर ल मंदिर ,
दाई-ददा ल भगवान
उकरे चरण म पाबे ,
तैं हा चारों धाम
तैं हा चारों धाम ग तैं हा
चारों धाम
उकरे चरण.म..............
🍀🍀🍀(1)🍀🍀🍀
दाई-ददा के करिन सेवा
ते हा भव ले तरगे
अंधियारी जिनगी म
सुघ्घर दिया बरगे
*सेवा करके सरवन, होगे ग*
*महान*
उकरे चरण म.......
🎈🎈🎈(2)🎈🎈🎈
रोज संझा बिहनिया तंय,
नवा ले जी माथा
दिन-दूना बढ़हि जी,
पुन के तोर खाता
*दाई ददा के खातिर, बनवासी होगे*
*राम*
उकरे चरण म.........
🌸🌸🌸🙏🌸🌸🌸
📝रचनाकार📝
*विरेन्द्र सिंह ठाकुर*
कवि एवं मंच संचालक
ग्राम-कपसीडीह (राजिम)
मो.नं.-8718916461
Saturday, June 1, 2019
दाई-ददा भगवान् - by कवि श्री विरेन्द्र सिंह ठाकुर
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