Saturday, June 1, 2019

दाई-ददा भगवान् - by कवि श्री विरेन्द्र सिंह ठाकुर


🎈🎈🎈🙏🎈🎈🎈
बनाले घर ल मंदिर ,
          दाई-ददा ल भगवान
उकरे चरण म पाबे ,
             तैं हा चारों धाम
    तैं हा चारों धाम ग  तैं हा
             चारों धाम
उकरे चरण.म..............
🍀🍀🍀(1)🍀🍀🍀
दाई-ददा के करिन सेवा
                ते हा भव ले तरगे
अंधियारी जिनगी म
                 सुघ्घर दिया बरगे
*सेवा करके सरवन, होगे ग*
              *महान*
उकरे चरण म.......
🎈🎈🎈(2)🎈🎈🎈
रोज संझा बिहनिया तंय,
                 नवा ले जी माथा
दिन-दूना बढ़हि जी,
                 पुन के तोर खाता
*दाई ददा के खातिर, बनवासी होगे*
                 *राम*
उकरे चरण म.........
🌸🌸🌸🙏🌸🌸🌸
        📝रचनाकार📝
     *विरेन्द्र सिंह ठाकुर*
     कवि एवं मंच संचालक
    ग्राम-कपसीडीह (राजिम)
     मो.नं.-8718916461

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