Monday, June 10, 2019

निरद‌ई by गुणेन्द्र सिंह पोर्ते

🙏🌹 ** 🌹🙏

देवी-देवता म करथे गा पुज‌ई।
मनखे काबर होगे गा निरद‌ई।

कोनो देवथे कुकरा,
कोनो देवथे बोकरा।
बदना ल बदे रहिथे,
मोला लागथे कल्ल‌ई।
देवी-देवता......

सेत म येला मनातेन,
नरियर भेला चढ़ातेन।
देवता न‌ई माने कहिथे,
यहु हे अड़बड़ दुखद‌ई।
देवी-देवता......

अपन मुड़ ल न‌ई काटय,
दुसर जीव लाके काटय।
पुरखा के चलथे कहिके,
कोनो जिनिस ल टपक‌ई।
देवी-देवता......

रचनाकार- *गुणेन्द्र सिंह पोर्ते "अविराम" फिन्गेश्वर गरियाबंद छत्तीसगढ़*

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...