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हाथ मे तिरंगा
सर पे कफन,
मौत का फरमान लिए आया हूँ
ऐ मेरे दुश्मन ll
मै भारत माँ का बेटा
लड़ता हूँ सीना तान के,
कोई भी टिक नहीं पाता आगे
मेरे स्वाभिमान से ll
मुझे याद है वो दिन
जिस दिन फौज की सिर से
तुमने फूटबॉल खेला था,
मेरे वतन को उजाड़कर
तूने मनाया मेला था ll
आज बदला लेने आया हूँ
कसम खाकर भारत माँ की,
लडूंगा तुझसे मै
परवाह किए बिना जान की ll
रचनाकार :-
भास्कर वर्मा "उमंग "
ग्राम चंदना (छत्तीसगढ़)
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