कवि परिचय-
केवरा यदु "मीरा "
जन्म स्थान पोखरा (राजिम)
जन्म दिवस- 25अगस्त
पति- हुबलाल जी यदु
लेखन- हिन्दी व छत्तीसगढ़ी
विधाएँ- गीत गजल भजन
हाइकु पिरामिड-विधा सायली विधा- दोहा छंद ।
प्रकाशन- विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित ।
भोपाल से लोकजंग में भी ।
उपलब्धि- सतत चालीस वर्षों से लेखन ।
स्थानीय कवि गोष्ठियों सम्मेलनों में सम्मिलित ।
भ्रूण हत्या रोकने महिलाओं को ससक्त बनाने 16 वर्षों से मितानिन कार्यक्रम में भागीदारी।
यदु समाज- महिला प्रकोष्ठ की महासचिव ।
प्रकाशित पुस्तकें
1-श्री राजिवलोचन भजनांजली 1997
2- सुन ले जिया के मोर बात 2015
3-देवी भजन भाग 2016
4- देवी भजन भाग 2--2016
5- शक्ति चालीसा-2017
6- होली गीत छत्तीसगढ़ी 2017
7-आपकी ही परछाई - अंतरा शब्द शक्ति द्वारा भोपाल में प्रकाशित ।
एवं वूमन आवाज सम्मान भोपाल में ।
अप्रकाशित---
1- जड़ी बूटी ले उपचार राजभाषा द्वारा
2-आपकी ही परछाई
3- मितानिन गीत
4- तीर्थ यात्रा संस्मरण
सम्मान- सूरज कुवंर देवी सम्मान
राजिम कुंभ द्वारा सम्मान 6 वर्ष
सुन्दर लाल शर्मा सम्मान 3 वर्ष
भ्रूण हत्या बचाव पर मितानिन सम्मेलन में सम्मान ।
आन लाईन सम्मान पत्र।
कुल--'40
प्रतीक चिन्ह- 11
कार्यक्षेत्र- खुद का व्यवसाय
विशेष उल्लेखनीय- समाज सेवा गरीबों की सेवा ।
किशोरी बालिकाओं को सुरक्षा हेतु प्रशिक्षित करना ।
पीड़ित महिलाओं को सखी सेंटर से न्याय दिलाना।
त्रिवेणी संगम साहित्य राजिम
सदस्य ।
वर्तमान पता- पोखरा ( राजिम)
थाना- राजिम जिला गरियाबंद
(छ॰ग)
मोबाइल- 8889681095
संपर्क-नंबर 919399304136
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