Friday, May 31, 2019

कवयित्री श्रीमती केवरा यदु "मीरा"

कवि परिचय-

केवरा यदु "मीरा "

जन्म स्थान पोखरा (राजिम)
जन्म दिवस- 25अगस्त

पति- हुबलाल जी यदु

लेखन- हिन्दी व छत्तीसगढ़ी
विधाएँ- गीत गजल भजन
हाइकु पिरामिड-विधा  सायली विधा- दोहा छंद ।

प्रकाशन- विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित ।
भोपाल से लोकजंग में  भी ।
उपलब्धि- सतत चालीस वर्षों से लेखन ।
स्थानीय कवि गोष्ठियों सम्मेलनों में सम्मिलित ।
भ्रूण हत्या रोकने महिलाओं को ससक्त  बनाने 16 वर्षों से मितानिन कार्यक्रम में  भागीदारी।

यदु समाज- महिला प्रकोष्ठ की महासचिव ।

प्रकाशित पुस्तकें
1-श्री राजिवलोचन भजनांजली 1997
2- सुन ले जिया के मोर बात 2015
3-देवी भजन भाग 2016
4- देवी भजन भाग 2--2016
5- शक्ति चालीसा-2017
6- होली  गीत छत्तीसगढ़ी 2017
7-आपकी ही परछाई - अंतरा शब्द शक्ति द्वारा भोपाल में प्रकाशित ।
एवं वूमन आवाज सम्मान भोपाल में ।

अप्रकाशित---
1- जड़ी  बूटी ले उपचार राजभाषा द्वारा
2-आपकी ही परछाई
3-  मितानिन  गीत
4- तीर्थ  यात्रा संस्मरण

सम्मान- सूरज कुवंर देवी सम्मान
राजिम कुंभ द्वारा सम्मान 6 वर्ष
सुन्दर लाल शर्मा सम्मान 3 वर्ष
भ्रूण हत्या बचाव पर मितानिन  सम्मेलन में  सम्मान ।
आन लाईन  सम्मान  पत्र।
कुल--'40
प्रतीक चिन्ह- 11

कार्यक्षेत्र-  खुद का व्यवसाय
विशेष उल्लेखनीय- समाज सेवा गरीबों की सेवा ।
किशोरी बालिकाओं को सुरक्षा हेतु  प्रशिक्षित करना ।
पीड़ित महिलाओं को सखी सेंटर से न्याय  दिलाना।

त्रिवेणी संगम साहित्य राजिम 
सदस्य ।
वर्तमान पता- पोखरा ( राजिम)
थाना- राजिम जिला गरियाबंद
(छ॰ग)
मोबाइल- 8889681095
संपर्क-नंबर 919399304136

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