पता - श्रीमाधोपुर (सीकर) राजस्थान
मोबाइल - 9982393078
शीर्षक - ये ज़माना
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मुहब्बत में इक दूजे को परखने का वक्त आ गया
ए यार ये जमाना भी बड़ा सख्त आ गया
घर की दीवारों पर नाम तुम्हारा लिख लेते हैं
फिर पढ़तें हैं ऐसे, जैसे तुम्हारा खत आ गया
मुहब्बत में इक दूजे को...
घर की चारदीवारी में, अब ख्वाब टटोलते है
भीड़ में खोई हुई दिल की किताब खोलतें हैं
आवाज़ों में कहां हो पाती थी खुद से बातें
अब शामों सहर कैद में दिल के अरमान बोलते हैं
सुना है दिल तेरी यादों की शौहरत पा गया
मुहब्बत में इक दूजे को...
लड़ाई - झगड़े, किस्से, कहानियां तेरे मेरे प्यार की
इस रूह से है जुड़ी हुई, अब दूर ना हो इक बार भी
तू अपने घर, मैं अपने घर, है घर में ही महफूज शहर
आ हम तुम दोनों ही सह लें, यादों की थोड़ी मार भी
ये दिल अब दूरियों की थोड़ी और मोहलत पा गया
मुहब्बत में इक दूजे को...
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नाम - राहुल कुमावत (कवि,चित्रकार)
कारीगर कलम का
Good one rahul
ReplyDeleteदिल के सूने कोने को टटोलती रचना ।सादर
ReplyDeleteAwesome
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