जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, खुशबू,
शीर्षक, खुशबू,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
खुशबू से बढे महत्व,
फूल,गुण से मनुष्य,
अन्यथा बेकार दोऊ,
आध्यात्म,नैतिकता गुल।।
इनके अभाव करता,
मानव को मूल्यहीन,
सत्य,अहिंसा,धार्मिक,
भावना है अतुलनीय।।
गोंदा,चमेली,रजनीगंधा
का मोल,सह खुशबू,
खुशबूदार फूल प्रिय,
ऐसे ही गुणी है प्रीतिकर।।
कागजी फूल न मोल,
केवल,है नाममात्र,तुल
ऐसा ही दिव्यगुण न हो
तो मनुष्य है बेकार बोझ।।
खुशबूदार पुष्प बनो रे
मानव होगा पूजनीय,
मृत्युंजय होगा,जगत,
करेगा तेरा करम याद।।
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