जिला- दुर्ग
राज्य- छतीसगढ़
विषय- अपने
शीर्षक- अपने पराए
सम्पर्क- 7974631529
पराए को अपना समझना अच्छी बात है,
पर अपनो को पराया कर देना कहां की अच्छाई है,
अपने तो अपने होते हैं,
जीवन की यही सच्चाई है l
विपत्ति में पराए भी अपने हो जाते हैं,
पर वक्त्त आने पर एहसान गिना ही देते हैं,
अपनो को अपना समझो तो सही
निखार जीवन में आ जाते हैं l
प्रिया गुप्ता
भिलाई
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