जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, मित्र,
शीर्षक ,मित्र,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
कई रिश्तों में रहते हम,
मित्र उनमें से सर्वोत्तम,
निःस्वार्थ भाव का नाम
जीवन में उसका विशेष काम।।
सुख,दुख में साथ देता,
अनुकूल हो या विपरीत
न छोड़ देता वह दामन,
मित्र है खुशी का चमन।।
इतिहास गवाह,बात,
श्रीकृष्ण,सुदामा हो या,
दुर्योधन,कर्णवीर,साक्षी
मित्रता को दिया,प्राथमिकता।।
आज भी जिंदा है कुछ,
ऐसे मित्र का चंद, नाम,
जिनके बुते टिका जग,
हर समय,परिस्थिति,आसान।।
मित्र से सुन्दर जहान,
उसका दर्शन,मूल्यवान
एक नजर देखने,मन,
उतावला होता,रात,दिन।।
इतिहास गवाह ,बात,
श्रीकृष्ण, सुदामा हो,
या दुर्योधन,दानी कर्ण,
मित्रता को प्राथमिकता।।
No comments:
Post a Comment