जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, प्रतिशोध,
शीर्षक, प्रतिशोध,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
उजड़ रहा कई परिवार
अपितु रुश्तों में मलाल,
प्रतिशोध की भावना,
मूल कारण है,जीवन।।
अनमोल जीवन हो रहा
बेकार,गमगीन,शुष्क,
दिखावा,छलावा,के,
गरल में छिपा,प्रतिशोध।।
इतिहास भी है गवाह,
कुरूक्षेत्र,रणभूमि में
तब्दील,केवल,बदला,
प्रतिशोध की भावना,बला।।
नैतिक अधोपतन है,
इसकी बजह,कारण,
जिससे प्रतिशोध,जागे,
बिड़मंना है,आध्यात्म जगाओ।।
नैतिक,विचाराभिषेक,
हो जीवन का आधार,
पूजा-पाठ सहयोगी,
प्रतिशोध पे हो विराम।।
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