Sunday, June 9, 2024

कांकेर से कुसुम जैन की रचना- पिता

नाम-- श्रीमती कुसुम जैन 
जिला - उत्तर बस्तर कांकेर 
राज्य  - छत्तीसगढ़ 
मोबाइल नंबर -9 40 622 0433
विषय - पिता 
शीर्षक - पिता 

माता है ममता की मूरत  तो ,
पिता वट वृक्ष की है छाया ।
जिनके प्यार की छाॅंव में हम,
 इस सुंदर जीवन को है पाया ।
माता ममता की गहराई है तो,
 पिता है स्नेह का समंदर ।
 लाखों दुःख समा लेते है,
अपने हृदय के अंदर।
कभी किसी से कहते नहीं, 
अकेले ही दुख सह जाते ।
हर एक को खुशी बांटकर ,
खुद खुशी से दूर रह जाते ।
खुशी में कभी ना हॅंस पाते हैं ,
 दुख में कभी नहीं वो रोते ।
घुट - घुट कर अंदर ही में ,
सारे गम को वो पी जाते।
  पिता स्वर्ग है पिता धर्म है,
 पिता ही  है पालनहार ।
पिता पर्याय है धैर्य का ,
पिता  जीवन का आधार।
 भूल कर भी हो न हमसे ,
पिता का कभी भी अनादर।
सृजन कर्ता रुप में पिता को,
नमन करूं शत् शत् बार।
                      स्वरचित मौलिक।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...