Wednesday, June 12, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- संघर्ष का दूसरा नाम पिता

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- संघर्ष 
शीर्षक- संघर्ष का दूसरा नाम पिता
विधा- छंद मुक्त कविता 
संपर्क- 7974389033

परिवार की नैया पार लगाता,
वो  उम्मीद  पिता  कहलाता।
खड़े होकर परिवार का हिम्मत,
सब दुखों से परिवार बचाता।१।

पिता के कंधों पर टीका है,
सारा परिवार के जिम्मेदारी।
सबको प्यार, डाॅंट दुलार से,
ख्वाहिश करते पूरी हमारी।२।

पिता मसीहा का रूप कहलाता,
सारे  कष्टों  को  हर  लाता।
जीवन भर परिवार के लिए,
खुशियाॅं समेट कर लाता।३।


         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...