Wednesday, June 19, 2024

रायपुर से हरमन कुमार बघेल हरमन की रचना- प्रलय

रचयिता -- हरमन कुमार बघेल *(हरमन)*
ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय- कविता
शीर्षक- *प्रलय*
विधा--मुक्तछंद
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक-१९जून

          *प्रलय*


कुदरत का प्रलय नहीं इंसानी प्रलय की बात करता हूँ।
मानव ही दोहन करता कुदरत का
प्रलय  वही कहता हूँ।।

प्रलय बरपाते वे जो स्वार्थी होते है उन्हें धिक्कारता हूँ।
तभी मैं कहता हर उन दरिंदाओं को मैं घृणा करता हूँ।।

बेहद सुन्दर सृष्टि का आसियाना दिये ईश्वर हमें कहता हूँ।
हिफाज़त करे तो आश्रय ईश्वर का मिलेगा यही कहता हूँ।।

इस संसार में जन्म लिये और तड़पते लोगों से पुछता हूँ।
स्वार्थ खत्म कर इंसानियत की बीज बोने ही कहता हूँ।।

कई ने इतिहास रचा कईयों ने प्रलय रचा बताता हूँ।
इतिहास रचने वाले अमर हुये विध्वंसी न रहे बताता हूँ।।

कुदरत को छेड़े इंसान कैसे फलीत होगा वह सुनाता हूँ।
भयंकर मौत दिया कुदरत जो छेड़ा प्रकृति को वही बताता हूँ।।

ईश्वर के घर देर है सही अंधेर नहीं होता बतलाता हूँ।
निर्माता वही अपने को ध्वस्त कैसे करें सच कहता हूँ।।

मानव की हैसियत उतनी नहीं जो कहे करके दिखाता हूँ।
करता निर्माण कृत्रिम थोड़े समय चलता वही बतलाता हूँ।।

करता हरमन निवेदन सभी से कुदरत को नमन करता हूँ।
सृष्टि निर्माता से पुछे मानव प्रलय निर्माण क्यों करता हूँ।।

स्वच्छंद प्रकृति अतिभावन लगता सभी को जानता हूँ।
फिर विचरण कर्ता प्रकृति पर क्यों प्रलय करता पुछता हूँ।।

कुदरत का मिला वरदान हम सभी को कहता हूँ।
प्रकृति को बचाने सभी मानव से आह्वान करता हूँ।।


                      रचनाकार/कलमकार/साहित्यकार
                               हरमन कुमार बघेल
                                    
                                आरंग - रायपुर
                                   छत्तीसगढ़
                                9753164885
           

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...