जिला-रायगढ़
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-"झांसी की रानी लक्ष्मीबाई"
विधा-कविता
शीर्षक- "रानी लक्ष्मी बाई"
*रानी लक्ष्मी बाई*
जन्म हुआ था उ.प्र. वाराणसी,
तारीख था 19 नवंम्बर सन्1828। जन्म नाम था उनका मणिकर्णिका ,
उपनाम था उनका प्यारी मनु बाई।
माताजी श्रीमती भागीरथी सप्रे थी,
पिताजी थे श्री मोरोपंत तांबे।
ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते,
वीरता से बनी रानी लक्ष्मीबाई तांबे।
शादी हुई थी उनकी 1842 में,
पति थे राजा गंगा धर राव।
बेटा हुआ था झांसी उत्तराधिकारी,
नाम था उनका दामोदर राव।
1858 ग्वालियर में हुआ था,
रानी लक्ष्मीबाई का शरीर शांत।
दिखा गई देश को वीरांगना वीरता,
अमर हो गई उनकी शहादत।
देश प्रेम की भावना से भरी थी,
अदम्य साहस, देश भक्ति प्रतिमूर्ति।
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना,
बलिदानी वीरांगना थी लक्ष्मीबाई।
रानी लक्ष्मी बाई की वीरता की,
हम शौर्य गाथा गाते हैं भारती।
कोटि-कोटि नमन करते हैं उनके,
वीरता के साथ लड़ी थी आजादी।
प्रेरणा दे गई वीर वीरांगना लक्ष्मी,
हम उनकी पथ का अनुकरण करें।
माँ भारती सदा स्वतंत्र रहे धरा में,
ऐसा सुविचार कार्य, व्यवहार करें।
स्वरचित रचना
उर्मिला सिदार "उर्मी"
बुलाँकी रायगढ़ छत्तीसगढ़
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