जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, बदलाव
शीर्षक, बदलाव
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
बदलाव है सार जीवन,निधि,
चूंकि यह है समयचक्र,विधा,
कुछ बदलाव,हितैषी,कुछ,गलत
फिर भी है बदलाव,स्वागतेय,पाती।।
बदलाव से ग्रीष्म बाद वारिश,
पतझड़ बाद,बसंत,मनोज,आश
धरती में आता जवानी,ओस,
शासनतंत्र,संविधान,शिक्षा नीति।।
बदलाव है जरूरी पर्याय,मित,
शिक्षनीति में रामायण,गीता,
महाभारत,पुराण,हनुमान,
चालीसा हो सम्मिलित,धन।।
ताकि मिले लाल,आध्यात्मज्ञान
सर्वेगीण विकास होगा,अमुनन,
इसके बिना,असंभव,अनुशासन
सभ्यता,सन्कृति का आचमन।।
बदलाव इसलिए है,स्वागतेय,
सत्य,अहिंसा,धर्म-परायणता,
यह सब मानवीय,आचरण,
का श्रीगणेश,द्वारा,बदलाव,मिणा।।
No comments:
Post a Comment