राज्य छत्तीसगढ
जिला दुर्ग
विधा काव्य
शीर्षक मां
सम्पर्क नंबर 7974631528
*मां*
आखिर क्यों ?
, मां बुढ़ापे में बोझ हो जाती है
वो तो अपने बच्चों के लिए
फूलों का पालना सजाती है l
आखिर क्यों ?
मां के अरमानों का टुकड़ा हो जाता है
जो अपने बच्चों के लिए ,
अपने अरमानों को दफनाती है l
आखिर क्यों ?
मां की ममता को लोग भूल जाते हैं
वो तो बच्चो के लिए
सुख वैभव भी भूल जाती है l
आखिर क्यों?
मां की आंखों में आसूं है,
दुख और पीड़ा की,
मां तो मूरत है साक्षात ईश्वर की l
प्रिया गुप्ता
भिलाई
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