Saturday, June 22, 2024

रायपुर से हरमन कुमार बघेल हरमन की रचना- शब्द

रचयिता -- हरमन कुमार बघेल *(हरमन)*
ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय- कविता
शीर्षक- *शब्द*
विधा--मुक्तछंद
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक-२२जून

         *शब्द*

शब्दों के हेर-फेर से, साहित्य की संगीत रची जाती है।
साहित्य के संगीतकार द्वारा,मधुर गान गाई जाती है।।
जब शब्दकोश से शब्दों का, मनभावन उदगार हो जाती है।
सम्पूर्ण संसार मंत्रमुग्ध होकर,
मानो झूम जाती है।।

शब्दों का जादू देखो,जीवन को सचमुच संवार देती है।
साहित्य पुरोहित कागद में,पूरा इतिहास लिख देती है।
शब्दों का माया अमृतपान, सभी को निश्चित करा देती है।।

साहित्य की कसौटी पर, शब्दों के जाल बुनें जाते है।
साहित्य पूजा करने वाले, साहित्य में ही खो जाते है।
जब प्रवाह होती साहित्य,मन को प्रसन्न कर जाते है।
शब्दों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य,सभी के मन में जगा जाते है।।

साहित्य एक ऐसा खजाना,जहां मणि ही पाई जाती है।
मणि को सिरोधार कर,सिर का ताज बन जाती है।
साहित्य में ओ शक्ति है, जिसमें 
सिद्धि मिल जाती है।
साधना कर साहित्य का,हर अज्ञानता को हर लेती है।।

शब्दों के लोक में भ्रमण कर, कठिनाई दूर हो जाती है।
जो नहीं सोचा होगा,वह भी सम्भव हो जाती है।
दुनिया इसी पर टिकी है,शब्द बेकार नहीं जाती है।
हर दरबार में इसीलिए, साहित्य की पूजा की जाती है।।

आज के भौतिक जहान में, विलासिता अपनाई जाती है।
जिसका स्वाद चख ले,वह व्यक्ति संसाधन को भूल जाती है।
साहित्य ही एक मात्र साधन, अपनाने से ज्ञान बढ़ा जाती है।
शब्दों की मर्यादा में लिखे,तो चित सोने पे सुहागा हो जाती है।।

शब्दों की कीमत का भाव, साहित्य पढ़ने से पता चलता है।
जो साहित्य में निहित हो,उसका अनुमान उसी को पता चलता है।
कबीर,तुलसी,रैदास,रसखान का  आज भी चलता है।
साहित्य के उत्कृष्ट शब्दों का,वही ज्ञानी उपासना करता है।।

हरमन का साहित्य सहज-सरल, जो पढ़ें आसानी से समझता है।
श्रोता हो सुनकर वह भी,शब्दों का प्याला पी ही लेता है।
हरमन में साहित्य सृजन,हर मन में उत्साह जगा ही देता है।
हरमन कहता सभी से,साहित्य जीवन से प्रेम बढ़ा देता है।।

              रचनाकार/कलमकार
               हरमन कुमार बघेल
               आरंग जिला-रायपुर
                    छत्तीसगढ़
                9753164885

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