जिला-रायपुर
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय -पेड़
शीर्षक-पेड
विद्या-कविता
मोबाईलनंबर-9926179870
जीवन को जीना है कैसे,
यह हमें पेड़ सिखाते है।
जीवन स्वयं तक सिमित नहीं,
हमें यही बात बताते है।
लदा हुआ फल फूलों से यह,
किंच भी अभिमान नहीं।
ले जाते लूट फलफूलों को हम,
फिर भी है देता छाया यही।
पेड़ तो रहा है मित्र मानव का,
सदा उपकार करता ही रहा।
केवल चाहा अपना जीवन,
पर हमने इसे यह भी ना दिया।
मतलब को पूरा करने,
इन्हें काटा चीरा करते हैं।
इनके उपकारों का सिला,
इन्हे ऐसे क्यों हम देते हैं।
चलता रहा गर सदा यही तो,
हम ना कहीं के रह पाएंगे।
उजड़ जाएगी धरती मैया ,
हम सब भी मिट जाएंगे।
नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित
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