जिला- महासमुन्द
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय- "अँधेरा"
विधा- कविता
संपर्क - 9179134271
*****
नफरत क्यों करते हो मुझसे,
क्यों मुझसे भय खाते हो।
मेरे आने की आहट से,
जी क्यों सभी चुराते हो।।
मेरा इसमें दोष नहीं है
मन में भी आक्रोश नहीं।
कालिख नहीं समझना मुझको,
जागृत हूँ मदहोश नहीं।।
आशा की किरणें दिखती है,
नई कहानी लिखती है।
मेरे जाने पर उजियाली,
पल पल पलकर चिखती है।।
दिल पर रखकर हाथ बताओ,
हो बेदाग हो बतलाओ।
अंधेरे से डरने वालों
बिन मेरे उजाला लाओ।।
*******
No comments:
Post a Comment