जिला -रायगढ़
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय -सौंदर्य
शीर्षक -"सौंदर्य महत्व"
विधा- कविता
संपर्क नंबर -930 3298 994
*सौंदर्य महत्व*
सौंदर्य उसे सौंदर्य कहते हैं ,
जो व्यवस्था को व्यक्त करते हैं।
सौंदर्य तो बहुत होते हैं जग में,
जो दिखावटी में फंस मरते हैं ।
मन की सौंदर्य व्यवहार है ,
जो कभी नहीं परिवर्तन होता है ।
मन उत्सवित हर-पल रहता,
चंहुँ ओर व्यवहार बिखेरता है।
तन की सौंदर्यता स्वस्थता से है,
जो शरीर का निरोग दर्शाता है।
श्रमशील शरीर श्रम कर परिवार में,
प्रमाणित हो समृद्धि भाव पाता है।
वातावरण की सौंदर्य शुद्धता है,
जो स्वच्छता को हर-पल दर्शाता है।
साफ सुथरा घर -आंगन में मनु ,
सुख-शांति अमन-चैन पता है।
स्वरचित रचना
उर्मिला सिदार "उर्मी"
बुलाँकी' रायगढ़
छत्तीसगढ़
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