जिला - रायगढ़
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय -नैतिकता
विधा-कविता
संपर्क नंबर- 93032 9894
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*नैतिकता*
नैतिकता आचरण का एक अंग है, नैतिकता को मनु समझना होगा।
मूल्य, चरित्र ,नैतिकता का संयुक्त स्वरूप,
तुम्हें मनु ध्यान देकर समझना होगा ।
सहअस्तित्व अस्तित्व स्वरूप में है,
निश्चित आचरण जानना होगा।
धर्म नीति, अर्थनीति, राज्य नीति,
अर्थ नीति में वस्तु का उत्पादन होता।
धर्म नीति में सदुपयोग सुरक्षा,
राज्य नीति में संवर्धन संरक्षण,
इन तीनों नीति का संयुक्त स्वरूप,
नैतिक मानवीयआचरण कहलाता है।
वस्तु का उत्पादन सदुपयोग सुरक्षा,
व्यवस्था में जीने को दर्शाता है।
नैतिकता का निर्वहन कर मानव,
अपनी मानत्व को व्यक्त करता है।
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स्वरचित रचना
उर्मिला सिदार "उर्मी"
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