टाउन :- सुरत
जिला :- सुरत
राज्य :- गुजरात
विषय :- भक्ति गीत
शीर्षक :- भक्ति गीत
विधा :- कविता
संपर्क :- वासू पूज्य फ्लेट
पालन पुर रोड सुरत
राधा के नयनों में , कान्हा का है वास ,
कान्हा को महसूस करती है आस पास ।
कान्हा की बंसी में ,राधा है मोहित हुई ,
कान्हा के स्नेह में , राधा है बेसुध हुई ,
सपनों में भी खेले , कान्हा संग रास ,
राधा के नयनों में , कान्हा का है वास....
यमुना के तट जब जब , राधा रानी जाए ,
कान्हा की याद भी , वहां उस को सताए ,
राधा का मन तो है , कान्हा का दास ,
राधा के नयनों में , कान्हा का है वास...
पनघट पर जब राधा , घट भरने जाए ,
कान्हा के ख्यालों में , सब भूल जाए ,
खुद का भी उस को , रहे न एहसास ,
राधा के नयनों में , कान्हा का है वास...
-- गोविन्द रीझवाणी " आनंद "_✍️
सुरत ( गुजरात )
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