Sunday, May 12, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- माँ की ममता

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मातृ दिवस 
शीर्षक- माँ की ममता 
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033

माँ की ममता दिव्य है,माँ से है पहचान।
माँ की कृपा-कटाक्ष से,बनता पुत्र महान।।1।।

ममता के ऑंचल तले, मिलती ठंडी छाँव।
जब तक माँ का साथ है, नहीं जलेगा पाँव।।2।।

धरती की भगवान है, माँ का रूप अनूप।
मातृ-चरण में स्वर्ग है, देवी का प्रतिरूप।।3।।

माता का दर्शन करें,अंतस रहे पवित्र।
माँ सबको अच्छी लगे,मातु हमारी मित्र।।4।।

माता से हमको मिला,एक सुखद संसार।
माता के मुस्कान से, संकट जाते हार।।5।।

माँ की इच्छा शांत हो, तब समझो वैराग्य।
माँ के आशीर्वाद से,बनता है सौभाग्य।।6।।

देती सुखमय जिंदगी, सहती कष्ट अपार।
धरती से आकाश तक, माता सुख का सार।।7।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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