Wednesday, May 22, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- कान्हा की परछाई

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- परछाई 
शीर्षक- कान्हा की परछाई 
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033

कान्हा  परछाई  सदा, देखूँ  आठोयाम।
जगत जानता है सदा; जपता कान्हा नाम।1।

प्रेम  रुपी  संसार  में; रहे   सदा  आसक्त।
करे वंदना आपका; सच्चा निषाद भक्त।2।

हमको  गीता  ज्ञान  से; देते  शुभ  संदेश।
हरपल मुरली भक्ति से; मन का मिटता द्वेष।3।

प्रेम  सदा  संसार  में; करते  सारे  लोग।
परछाई से युक्त मन; प्रेम  का  करे  भोग।4।

परछाई मुस्कान की; हरपल हमको देत।
जो विचार करके चले; परछाई सत देत।5।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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