Saturday, May 25, 2024

रायपुर से बसन्त कुमार साहू 'ऋतुराज' की रचना- दृढ़ संकल्प

कवि- बसन्त कुमार साहू ऋतुराज
जिला-रायपुर 
राज्य-छत्तीसगढ़ 
विषय- संकल्प 
शीर्षक-दृढ़ संकल्प
विधा-काव्य
मो.नं.-९३४०९५६००१

मुश्किल ना कोई है जगत में , सब कुछ पूरा होता है ।
चाहत पूरा कर लेता जो , दृढ़ संकल्पित होता है ।।

कहते थे कि दिल्ली दूर है , पास वो भी तो लगता है ।
सुबह जो निकले थे घर से , शाम को वापस होता है ।।

नहीं कठिन कोई भी डगर अब ,भौतिक सुविधा होता है ।।१।।चाहत पूरा कर लेता जो, दृढ़ संकल्पित होता है  ।

चंदा मामा दूर था हमसे ,आज हम वहां भी जाते हैं ।
सूरज की ऊर्जा संचय कर , रोशन घर कर जाते हैं ।।

आज जो मानव करना चाहे ,वह सब तो कर लेता है ।।२।।
चाहत पूरा कर लेता जो, दृढ़ संकल्पित होता है ।

किस्मत की चाहत में समय , जो आलस में खोता है ।
 वह प्राणी ना आगे बढ़ता ,निज कर्मों पर रोता है ।।

वही तो पाता है हर प्राणी ,जो जीवन भर बोता है ।।३।।
चाहत पूरा कर लेता जो ,दृढ़ संकल्पित होता है ।

       बसंत कुमार साहू "ऋतुराज" 
                    अभनपुर

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