ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय---कविता
शीर्षक-- जल
विधा--छंदमुक्त
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक २८मई
*जल*
जीवन ही जल है,
जल के बिना कहां कल है,
जल ही प्राणी जीवन का फल है,
व्यर्थ न करों इसे यहीं तो हरपल है।।
एक-एक बूंद अमृत धार है,
जीवन का यही मूलाधार है,
जल प्राणी जीवन का सार है,
तभी ये हम सबका पालनहार है।।
पशु-पक्षी प्राणी जगत का नाम है,
पेड़-पौधे सभी को सींचना काम है,
फ़र्ज़ चूकाना हम सभी का दाम है,
गंगा मैया की संज्ञा मिली इन्हें सलाम है।।
गंगा मैया को नमन बारम्बार है,
भागीरथी ने किया ये आह्वान है,
पूजे जाते भारत की भूमि में है,
पूर्वजों को भवसागर किया पार है।।
राह कठिन हो तो हुआ क्या है ,
सुगम राह बनाने अदम्य साहस है,
हाँ पर्वतों को चीर कर निर्मल हुआ है,
सीख इन्हीं से लो जीवन में बढ़ना है।।
हरमन कुमार बघेल
(*हरमन*)
आरंग जिला-रायपुर
छत्तीसगढ़
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