जिला :- कोरबा
राज्य :-छत्तीसगढ़
विषय :- बुलंदी
शीर्षक :- बुलंदी छूने आये
विधा :-कविता
मोब न :- 7987994537
आगे ही आगे है जाना , न पीछे आना भाए ।
बाधाएंँ भी क्या रोकेगी , बुलंदी छूने आए ।।
उम्मीदों की टांँगी झोली , विषादों को है छोड़ा ।
दुःखों को पैरों से है रौंदा , खुशी से नाता जोड़ा ।।
कांँटे राहों के हैं फेंके , पड़े थे भेदे अंगा ।
पांँवों के छाले भी सोचे , नहीं लेना है पंगा ।।
चट्टानें तो सीना ताने , खड़ी है रस्ता रोके ।
तूफानी बर्फीली ठंडी , हवाएँ भी तो टोके ।।
साधे वो लक्ष्यों को जानो , बढ़ा जो गाते जाता ।
आकांक्षाएं फौलादी हो , सहारा देते दाता ।।
गार्गी चटर्जी "आशा "
कोरबा (छत्तीसगढ़)
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