जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- गर्मी
शीर्षक- गर्मी से हाल बेहाल
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033
सूरज गर्मी दे रहा; तीखा बरसे घाम।
तेज गर्मी उफान पर; तपे सुबह अरु शाम।।1।।
सूरज तपता धूप से; निकल रही है आग।
जो भी आते ताप में; दिख जाते हैं काग।।2।।
गर्मी से बेहाल है; मानव जीवन आज।
पौधों को काटो नहीं; करो समझकर काज।।3।।
पंछी तड़पे नीर बिन; हैं कितने बेहाल।
तड़प रहे हैं प्यास में; संकट है विकराल।।4।।
वृक्षों को काटो नहीं; देते हैं यह छाँव।
वन उपवन को काट कर; खुद न जलाओ पाँव।।5।।
✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
No comments:
Post a Comment