Sunday, October 15, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- अम्बे भवानी आवत हे

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मोर दाई दुर्गा 
शीर्षक- अम्बे भवानी आवत हे 
संपर्क- 7974389033

जय हो जय हो दुर्गा महरानी।
    बिगड़ी  मोर  बना दे  आज।।
        सुग्घर साज दे मोर जिनगानी।
            जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

सुघ्घर  मीठ  भात  के  भोग।
    मइँया लगावँय भक्तन रोज।।
        सुग्घर  तोर  आसन  लगायेंव।
            बघवा ऊपर म तोला बिठायेंव।।
                मइँया के सुनव सुग्घर कहानी।
                    जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

मइँया करे हे सोलह सिंगार।
    मइँया करय सब्बो ल प्यार।।
        सजे हावय मइँया के दुवारी।
            मइँया के अँगना चलव संगवारी।
               आशीष दे दे अम्बे भवानी।
                   जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

नव दिन अउ नव राती म।
    निसदिन जलय दीया बाती म।।
        झूम के ढोलक मांदर बजावँव।
            मइँया के गीत ल मँय गावँव।।
                दुनिया हावय मइँया के दीवानी।
                   जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...