कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- चाँद
शीर्षक- चाँद पर हिन्दुस्तान बसाएं
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
चाँद पर हमको सुंदर घर बनाना है।
घर को सुंदर बना के हमें उसे सजाना है।।
चाँद पर जो पानी है हमें उसे ढूँँढ़ना है।
जीवन यापन के साधन चाँद में खोजना है।।
वैज्ञानिकों के प्रयास से गाँव हमें बसाना है।
अंतरिक्ष में खेत बनाकर हमें धान उगाना है।।
सोए हुए मंद बुद्धि को मानव हमें जगाना है।
भारत का दूसरा घर चाँद पर दिखाना है।।
काँटे भरे राहों में बिना थके हमें चलना है।
मंजिल पाने के लिए नहीं हमें रूकना है।।
मन के ऊँची सोंच से सपना हमें देखना है।
चाँद पर हमको चंद्रयान-4 भेजना है।।
भारत और अंतरिक्ष का रूप हमें बदलना है।
चाँद के सभी चीज को ढूँढ हमे निकालना है।।
घूम रहे चंद्रयान का सुंदर तस्वीर लाना है।
सफल प्रशिक्षण से मंजिल हमको पाना है।।
देश के सुरक्षा खातिर जान कुर्बान करना है।
प्रिय के परिश्रम से भारत को चमकाना है।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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