कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- भारत माता
शीर्षक- भारत माता अभिनन्दन
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
माँ भारती का मैं अभिनंदन करता रहूँ।
वतन रक्षा खातिर बार-बार मरता रहूँ।।
मातृभूमि के मिट्टी से गुलशन खिलता रहे।
अमन के राह में खुशबू महकता रहे।।
भारत माँ के वीर सपूत देश की रक्षा करते हैं।
वतन के रक्षा खातिर जान कुर्बान करते हैं।।
भारत भाग्य विधाता हिंद को हम बनाएंगे।
तीन रंगों के तिरंगा का मान हम बढ़ाएंगे।।
चाहे तपती धूप हो, बारिश या तूफान।
शरहद पर तैनात रहे हमारे वीर जवान।।
तिरंगा पर सदा रहे भारतीयों को अभिमान।।
जग में सबसे सुंदर है हमारा हिन्दुस्तान।।
तिरंगा से सजा है वो भारत देश हमारा है।
आँखों में बसा हुआ तिरंगा सबसे प्यारा है।।
माँ भारती के चरणों को बारम्बार प्रणाम है।
सींचे लहू देश को माँ भारती के पूत तमाम है।।
माँ भारती के वंदन से 'प्रिय' हुआ आबाद।
भगत,सुखदेव,बोस से देश हुआ आजाद।।
आजादी के महापर्व पर फिर से दीप जलायेगे।
आजादी के पर्व को आओ मिलकर मनायेंगे।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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