कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- प्रहार
शीर्षक- हाथी के प्रहार का आतंक
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
हाथी के प्रहार से बच सकते नहीं।
विशाल रूप गजराज को छेड़ सकते नहीं।।
समूह के गजराज को मानव छेड़ दिया।
मानव दंत्तैल हाथी को घेर सकते नहीं।।
गुस्साये हाथी के पास जा सकते नहीं।
विचरण करते जानवर को मार सकते नहीं।।
अपनी जान बचाने को सबको उजाड़ जाते है।
हाथी के हुंकार को कभी रोक सकते नहीं।।
बिछड़े साथी को आज ढूँढ रहे गजराज।।
बेवजह मानव पर प्रहार कर सकते नहीं।।
हाथी के प्रहार से बचकर रहना लोग।
सुंदर गजराज को घात पहुँचा सकते नहीं।।
विशालकाय हाथी है गजराज का रूप।
छेड़े जो हाथी को उसकी रक्षा कर सकते नहीं।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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