कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- आबाद
शीर्षक- प्यार की परिभाषा
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
दुनिया बदल रहा है मौसम की तरह।
दिल की चाहत बदल गई रंगों की तरह।।
मैं तुमको देखता रहा सपनों की तरह।
दिल में मुझे बसाए हो तस्वीर की तरह।।
मन में जगाये बैठे हो दीपक की तरह।
राह में मुझको मिले अनजान की तरह।।
दिल में खोकर बैठा हूँ विश्वास की तरह।
दिल में जगा है प्रेम अरमान की तरह।।
'प्रिय' का दिल टूट गया काँच की तरह।
सनम जीवन खिल गया गुलाब की तरह।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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