Saturday, July 22, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- विश्वासघात

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- विश्वासघात 
शीर्षक- विश्वासघात
विधा- छंद मुक्त कविता 
संपर्क- 7974389033

करके मैंने विश्वास किया तुझसे प्यार‌।
प्यार का भूखा था भटक रहा संसार।।

पीठ पीछे  किया तुने  अपनों पर  ही घात।
तुझे अपना समझा तो किया विश्वासघात।।

मन का गुस्सा बुझा नहीं करता गया वो वार।
प्रिय  के  विश्वास  को  तुने  किया तार-तार।।

दिल को जख्म करके हंस रही हो आज।
मैंने अपने प्यार पर सदा ही किया नाज।।

मैंने  प्यार  किया  तो  कसूर  क्या था..?।
रिश्ता जोड़ना चाहा तो गलती क्या था?।।

धीरे - धीरे  प्यार  पर  तुने  किया  घात।
मन से चाहा उसी ने किया विश्वासघात।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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