कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- अटूट
शीर्षक- भाई-बहन का अटूट विश्वास
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
भाई-बहन के प्यार को बताऊँ कैसे।
बहन को अटूट विश्वास दिलाऊँ कैसे।।
बहन को अपना हाल सुनाऊँ कैसे।
प्रेम भरे मुस्कान को दिखाऊँ कैसे।।
बहन के जीवन को सजाऊँ कैसे।
नाराज अपनी बहन को मनाऊँ कैसे।।
बहन से सारे जख्म छुपाऊँ कैसे।
जीवन में आये अंधेरा को हटाऊँ कैसे।।
प्यार के अटूट विश्वास को जगाऊँ कैसे।
बहन के जीवन में खुशियाँ लाऊँ कैसे।।
झूठ का पर्दा मन से उठाऊँ कैसे।
मन में बैठे डर को हराऊँ कैसे।।
खुद के माथे पर तिलक लगाऊँ कैसे।
प्यार से बहन को डराऊँ कैसे।।
राह में आये तूफान से टकराऊँ कैसे।
रिश्ता बहन का पाकर इतराऊँ कैसे।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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