Sunday, July 2, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- कर्मभूमि

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- कर्मभूमि 
शीर्षक- कर्मभूमि
विधा- छंद मुक्त कविता 
संपर्क- 7974389033

कर्मभूमि से हो रही, भारत की पहचान।
सुंदर कर व्यवहार तू, सदा मिलेगा मान।।1।।

मानव जीवन आज से, करो दुखों का अंत।
मातृभूमि के नाम को, करें उजागर संत।।2।।

मानव मन को साज के, सुंदर करना काज।
कर्मभूमि को साजना, जगत करेगा नाज।।3।।

सुंदर भारत देश में, खिला हुआ है फूल।
कर्मभूमि की छाँव में, जीवन है अनुकूल।।4।।

कर्मभूमि की राह में, सदा चलो इंसान।
सबको प्रेमिल भाव से, देना है सम्मान।।5।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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