कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- दिवास्वप्न
शीर्षक- मेरे सपनों का भारत
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
नील गगन आकाश से, सुंदर मेरा देश।
मेरे भारत वासियों, पहने सुंदर वेश।।1।।
भाग्य चमकता देखकर, हो कष्टों का अंत।
प्यारा भारत देश है, गढ़ मुनियों अरु संत।।2।।
मेरा हिंद महान है, कश्मीर को निहार।
जगत फैला जायेंगे, प्रेम रूप में चार।।3।।
दिवास्वप्न प्रिय देख के, सुंदर लगता भोर।
मेरे स्वप्न भारत में, सुंदर चारों ओर।।4।।
सुंदर भारत में रहा, लोगों का व्यवहार।
मानव प्रेमिल भाव को, पाये बारम्बार।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
No comments:
Post a Comment