कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- गाथा
शीर्षक- मोर छत्तीसगढ़ महतारी
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
छत्तीसगढ़ महतारी का गुणगान लिखता हूँ
मन के भाव जोड़कर कविता लिखता हूँ।
सुंदर किये श्रृंगार का रूप लिखता हूँ।
पवन में लहरें लुगरा का रंग लिखता हूँ।
छत्तीसगढ़ महतारी के तीर्थ धाम लिखता हूँ।
राजिम लोचन,घटारानी का गान लिखता हूँ।
सिरपुर,चण्डी,खल्लारी का मान लिखता हूँ।
बंजारी,बम्लेश्वरी का वंदना लिखता हूँ।
तुरतुरिया,भोरमदेव का इतिहास लिखता हूँ।
छत्तीसगढ़ के स्वर्ग का शान लिखता हूँ।
हिन्दू देवी-देवताओं का गुणगान लिखता हूँ।
प्राचीन काल के वेदों का ज्ञान लिखता हूँ।
हिन्दू, मुस्लिम,सिख, ईसाई का साथ लिखता हूँ।
बहते पावन धराओं का नाम लिखता हूँ।
सबसे बड़े गणतंत्र का पहचान लिखता हूँ।
भारत वासियों का अभिमान लिखता हूँ।
हिंद देश के आन,बान,शान तिरंगा लिखता हूँ।
तीन रंगों से हिंदुस्तान का नाम लिखता हूँ।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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