कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- जिंदगी
शीर्षक- जिंदगी एक रंगमंच
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033
रंग-मंच है जिंदगी; करतब करते लोग।
मिलते जुलते साथ में; सुंदर है संयोग।।1।।
जगह-जगह में कर रहे; मानव सभी प्रपंच।
जनता से सरकार है; सुनो सभी सरपंच।।2।।
रंग-मंच के खेल में; अच्छे करना काम।
विद्यालय में ज्ञान से; सदा कमाओ नाम।।3।।
रंग-मंच को साज के; गाते रहना गीत।
मोबाइल से फैलते; प्रिये सभी संगीत।।4।।
रंग-मंच के क्षेत्र में; भुलो नहीं संस्कार।
गीत सदा संगीत से; माँ करना उपकार।।5।।
रंग-मंच के साथ तो; मिटता हुआ रिवाज।
गतिविधियों के साथ में; बदले हुए समाज।।6।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
No comments:
Post a Comment