Sunday, May 7, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- प्रिय के दोहे

1️⃣ यात्रा
यात्रा कर संसार का; सुखमय करके काज।
हिंद देश चहुँ ओर में; बनके रहना नाज।।

2️⃣ थकान
दाना पानी के लिए; मेहनत कर किसान।
श्रमिक का मिटता सदा; घर में सभी थकान।।

3️⃣ विलम्ब
बहुत दूर की राह है; चलना पीके नीर।
करना नहीं विलम्ब तू; चलना रखके धीर।।

4️⃣ कर्त्तव्य
मानव तू कर्त्तव्य से; कर जीवन उद्धार।
मन के सुंदर भाव से; जग में मिलता प्यार।।

5️⃣ पालन
मात-पिता देते हमें; सुखमय जीवन सार।
बातों का पालन करे; होगा जीवन पार।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...