1️⃣ यात्रा
यात्रा कर संसार का; सुखमय करके काज।
हिंद देश चहुँ ओर में; बनके रहना नाज।।
2️⃣ थकान
दाना पानी के लिए; मेहनत कर किसान।
श्रमिक का मिटता सदा; घर में सभी थकान।।
3️⃣ विलम्ब
बहुत दूर की राह है; चलना पीके नीर।
करना नहीं विलम्ब तू; चलना रखके धीर।।
4️⃣ कर्त्तव्य
मानव तू कर्त्तव्य से; कर जीवन उद्धार।
मन के सुंदर भाव से; जग में मिलता प्यार।।
5️⃣ पालन
मात-पिता देते हमें; सुखमय जीवन सार।
बातों का पालन करे; होगा जीवन पार।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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