Friday, May 5, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- नदियों के देश में जलसंकट

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- जलसंकट 
शीर्षक- नदियों के देश में जलसंकट 
संपर्क- 7974389033

भूजल गिरता जा रहा; मिले कहाँ अब नीर।
मानव जंगल काट के; तन को देता पीर।।1।।

मानव ब्यर्थ बहा रहे; पावन निर्मल नीर।
जल का संकट आ गया; मानव करता पीर।।2।।

जंगल के हरियाल को; मानव नहीं उजाड़।
सूख रहा जल धूप में; फटे सारे पहाड़।।3।।

नीर बचाने के लिए; मानव रहो सचेत।
नीर बर्बाद रोक के; मानव दो संकेत।।4।।

बरखा के बौछार से; खिल जाता है फूल।
मिले नहीं जब नीर तो; रहे नही अनुकूल।।5।।

एक बूँद तो नीर का; जीवन में है मोल।
मजबूती से रोक लो; नीर बढ़ा अनमोल।।6।।

नीर बर्बाद जो करें; आता नहि है बाज।
मन में रखना धैर्य तो; सुखमय होता काज।।7।।

आओ मिलकर रोक लें; बरखा के जलधार।
मिलके करना काम तो; रुक जायेगा नीर।।8।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...