Sunday, April 30, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- भारतीय परम्परा




कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- परम्परा 
शीर्षक- भारतीय परम्परा
संपर्क- 7974389033

1️⃣ *दीपावली*
दीपों  के  त्यौहार  से; सब  में  है  उल्लास।
घर ऑंगन दीपक जले; रोशन करें प्रकाश।

2️⃣ *कबीर*
दोहा ज्ञान कबीर का; मिलता सबको आज।
दोहा  छंद  महान  है; कबीर  पे  है  नाज।।

3️⃣ *त्योहार*
होली के त्योहार को; मिलके सभी मनाय।
सारे रंग गुलाल को; मिलके सभी लगाय।।

4️⃣ *गुरुवर*
गुरुवर से शिक्षा मिले; नित्य सुबह अरु शाम।
शिक्षक को जो पूजते; सफल बने सब काम।।

5️⃣ *माता-पिता*
ईश मातु-पितु साथ है, जीवन सुखमय होय।
मोह जाल से मुक्त हो,नाव धर्म का खोय।।

6️⃣ *भक्ति*
शरण में प्रिये आपका; वंदन करता रोज।
सेवक हैं श्रीराम के; हृदय बसहू सरोज।।

7️⃣ *व्यवहार*
मानव तू संस्कार से; सीखना तु व्यवहार।
हर दुर्गम के राह में; सीखो तुम मनुहार।।

8️⃣ *परम्परा*

त्योहारों का देश है; माने अनेक पर्व।
सुंदर हिंद परम्परा; पर सबको है गर्व।।

9️⃣ *संस्कृति-सभ्यता*
संस्कृति, सभ्यता साजके; सुंदर इसका वेश।
मानव रख सद्भावना; वासी भारत देश।।

🔟 *गंगा जैसा हिंद*
गंगा समान हिंद है; हो माँ का सम्मान।
सारे जुल्मों को सदा; सहकर बने महान।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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