कवित्री-उर्मिला सिदार
जिला-रायगढ
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय-पलाश
शीर्षक-पलाश
संम्पर्क-9303298994
***********************
पलाश
क्षेत्रीय अनुरुप अनेक है नाम,
पलाश, परसा ,केसु ,टेशु,ढाक।
प्रकृति की अनमोल है श्रृंगार,
देख मन प्रफुल्लित बाग-बाग।
अन्य प्रांत अनुकूल जगह स्थित,
आती बसंत में फूल यही है रित।
लाल रक्त रंजित पलाश के फूल,
गोधूलि दृष्टव्य मनुहारी स्वरूप।
अनेक रोगो मे उपयोगी औषधि,
जड़,तना,पत्ती,फूल,फल उपयोगी।
पुष्प चूर्ण औषधि अति उपयोगी,
ताप संतुलन से राहत पायें रोगी।
रंग रोगन बना खेलें होली फाग,
वन- कानन,दृष्टव्य सदृश्य आग।
पहने प्रकृति लाल वर्ण परिधान,
पाये नैनन सुखद उत्सवित मन।
**************************
उर्मिला सिदार बुलाँकी
रायगढ छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment