Saturday, March 4, 2023

रायपुर से हिम्मत सिंह अरमो की रचना- दहेज

नाम: हिम्मत सिंह अरमो ।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: दहेज ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""
    ***।।  दहेज   ।।***
           *********

समाज की परंपराओं का हिस्सा है---
शादी के बंधन में बंधना व जीना  ।

मायका बेटी का एक घर होता--
शादी से ससुराल एक घर होता ।

शादी से बेटी घर से बिदा है होती--
जीवन जीने कुछ प्रेमिल भेंट हैं देते ।

कुछ लोगों ने शादी को अभिशप्त करा
दहेज़ की मांग से परेशान है किया ।

दहेज़ दानव बना, मौतों का कारण--
ससुराल की यातना का है पर्याय ।

बेटी मोटी रकम, दहेज़ की मांग से--
कुँवारी रह जाती है इस बोझ से ।

बेटी भ्रूण हत्या का सबब है बनता--
नारी बिन संसार चक्र अधूरा रहता ।

दहेज़ निषेध कठोर कानून हैं बने--
पर लोभी परिवार इससे कहाँ डरते।

युवा पीढ़ी की जागरूकता से ही--
ये अभिशाप रूपी माँग ना होगी ।

फिजूल की शान-शौकत दे बढ़ावा--
समाज में फैली बुराइयाँ है छलावा ।

आओ हम सब मिलकर संकल्प करें--
दहेज़ लेंगे और ना किसी से माँगेंगे ।
     """""""  इति   """""""

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...