Saturday, March 25, 2023

सारंगढ़ बिलाईगढ से लीलाधर प्रजापति की रचना - मातृ वंदना

रचनाकार - लीलाधर प्रजापति
जिला - सारंगढ़ बिलाईगढ़
विधा - उल्लाला छंद
विषय - माता रानी
शीर्षक - मातृ वंदना
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    // मातृ वंदना //

दुर्गा  माँ  की  वंदना ,
            आओ हम निशदिन करें ।
भक्ति मुक्ति की याचना ,
           मन - उर श्रद्धा से भरें ।।

 माता के नौ रूप को ,
               साधकगण हैं पूजते ।
संयम व्रत आराधना ,
               मनोकामना माँगते ।।
               
दया - प्रेम - करुणामयी ,
              जगजननी माँ अम्बिके ।
रक्षक पोषक सर्व के ,
             तुझसे ही दुनिया टिके ।।

  माता रानी की कृपा ,
             सबको सहज में मिलती ।
 "जय माता दी" बोलिये ,
            अद्भुत भाव है खिलती ।।

माता के दरबार में ,
             झोली खाली न रहती ।
होते मालामाल हैं ,
             जीवन सबकी सँवरती ।।

 शक्ति स्वरूपा देवियाँ ,
              जाने कितने रूप हैं ।
काली दुर्गा गायत्री ,
              सुंदर सत्य अनूप हैं ।।

 जय हो माँ भुवनेश्वरी ,
              महिमा बड़ी अपार है , 
आज बचा लो विश्व को ,
              पीड़ित हम लाचार हैं ।।

माँ ममता की खान है ,
             रोग शोक भय हारिणी ।  
जग जीवन वरदायिनी ,
             आनंद मंगल कारिणी ।।

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